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अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आज सीईओ का ऐलान करेगा. इससे पहले ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है. और पढ़ें चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट के तीन पद खाली थे. जिसके बाद तीन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है. ट्रस्टी बने महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वहीं, मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील थे. तीनों ही राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन जुड़े. बुधवार को राम मंदिर के सीईओ का भी ऐलान होना है. इसके लिए ट्रस्ट की मीटिंग चल रही है. सूत्रों की मानें तो रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर के ट्रस्ट CEO नियुक्त किए जा सकते हैं. (Photo- ITGD) ऑपरेशन सिंदूर से है जितेंद्र मिश्र का कनेक्शन एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र एक पूर्व फाइटर पायलट हैं जिन्होंने इंडियन एयर फोर्स में 39 साल से ज्यादा तक सेवा की. जनवरी 2025 में, उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली, जो IAF के सबसे जरूरी ऑपरेशनल कमांड में से एक है. कुछ ही महीनों बाद, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कमांड को लीड किया. अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया राम मंदिर ट्रस्ट में CEO अपॉइंट करने पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'जब नई चीजें होती हैं, तो क्या हम भूल जाते हैं कि पहले क्या हुआ था? हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से डोनेशन की चोरी हुई, आपने आम एम्प्लॉई को जेल भेज दिया लेकिन बड़े नामों को छोड़ दिया. हमें उम्मीद है कि 'राम धन' की चोरी नहीं होगी. अयोध्या को वर्ल्ड-क्लास सिटी के तौर पर डेवलप किया जाना चाहिए था. उनके (BJP) मन में इतना लालच था कि गरीबों से उनकी जमीन ठगी जा रही है.' बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद के बाद ट्रस्ट की छवि और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू की गई थी. सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे. जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और 3 नामों का लिफाफा ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंप दिया है. राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ को लेकर संगठन की पहली बैठक खत्म हो गई है और अब दूसरे दौर की बैठक जारी है. इस बैठक में ट्रस्ट के PRO और सीईओ के नामों पर चर्चा होगी. यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट का CEO इन तीनों में ही कोई एक बनेगा, आज होगा ऐलान सीईओ के पास होंगी ये जिम्मेदारियां राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए एक सीईओ बेहद जरूरी है. नए नियमों के तहत सीईओ के अधिकार और शक्तियां तय की जाएंगी. सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक अधिकार होंगे. —- समाप्त —- Source: aajtak.in
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आज सीईओ का ऐलान करेगा. इससे पहले ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है. और पढ़ें चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट के तीन पद खाली थे. जिसके बाद तीन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है. ट्रस्टी बने महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वहीं, मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील थे. तीनों ही राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन जुड़े. बुधवार को राम मंदिर के सीईओ का भी ऐलान होना है. इसके लिए ट्रस्ट की मीटिंग चल रही है. सूत्रों की मानें तो रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर के ट्रस्ट CEO नियुक्त किए जा सकते हैं. (Photo- ITGD) ऑपरेशन सिंदूर से है जितेंद्र मिश्र का कनेक्शन एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र एक पूर्व फाइटर पायलट हैं जिन्होंने इंडियन एयर फोर्स में 39 साल से ज्यादा तक सेवा की. जनवरी 2025 में, उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली, जो IAF के सबसे जरूरी ऑपरेशनल कमांड में से एक है. कुछ ही महीनों बाद, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कमांड को लीड किया. अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया राम मंदिर ट्रस्ट में CEO अपॉइंट करने पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'जब नई चीजें होती हैं, तो क्या हम भूल जाते हैं कि पहले क्या हुआ था? हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से डोनेशन की चोरी हुई, आपने आम एम्प्लॉई को जेल भेज दिया लेकिन बड़े नामों को छोड़ दिया. हमें उम्मीद है कि 'राम धन' की चोरी नहीं होगी. अयोध्या को वर्ल्ड-क्लास सिटी के तौर पर डेवलप किया जाना चाहिए था. उनके (BJP) मन में इतना लालच था कि गरीबों से उनकी जमीन ठगी जा रही है.' बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद के बाद ट्रस्ट की छवि और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू की गई थी. सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे. जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और 3 नामों का लिफाफा ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंप दिया है. राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ को लेकर संगठन की पहली बैठक खत्म हो गई है और अब दूसरे दौर की बैठक जारी है. इस बैठक में ट्रस्ट के PRO और सीईओ के नामों पर चर्चा होगी. यह भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट का CEO इन तीनों में ही कोई एक बनेगा, आज होगा ऐलान सीईओ के पास होंगी ये जिम्मेदारियां राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए एक सीईओ बेहद जरूरी है. नए नियमों के तहत सीईओ के अधिकार और शक्तियां तय की जाएंगी. सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक अधिकार होंगे. —- समाप्त —-
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